महराजगंज। कोल्हुई क्षेत्र के खरहरवा में स्थित मदर मरियम ग्लोबल स्कूल के आंगन में उस वक्त त्रेतायुग की पावन छटा जीवंत हो उठी जब दीपावली के स्वागत में सजी सुबह की प्रार्थना सभा एक भव्य सांस्कृतिक उत्सव में बदल गई। आम दिनों की सामान्य प्रार्थना से इतर आज विद्यालय की भोर सुरम्य भजनों, ओजस्वी वक्तव्यों और छात्र-छात्राओं की मंत्रमुग्ध कर देने वाली कलात्मक प्रस्तुतियों से महक उठी। विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति के गौरव और दीपावली के गहरे आध्यात्मिक रहस्यों को जिस प्रभावशाली ढंग से मंच पर उतारा उसने पूरे परिसर को सकारात्मक ऊर्जा और असीम उत्साह से सराबोर कर दिया।नन्हे-मुन्नों के इस अनुशासित, रचनात्मक और भक्तिमय रूप को देखकर उपस्थित जनसमूह और शिक्षक दीर्घा दंग रह गई। बच्चों की सुरीली आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने हर किसी के अंतर्मन को झंकृत कर दिया।इस गौरवमयी अवसर पर विद्यार्थियों के भीतर नैतिक मूल्यों का संचार करते हुए विद्यालय के निदेशक ई0 समीर अधमी ने एक बेहद मार्मिक संदेश देते हुए कहा कि दीपावली सिर्फ मिट्टी के दीयों को रोशन करने की एक सालाना रस्म नहीं है बल्कि यह अपने भीतर बैठे अहंकार,अज्ञानता और नकारात्मकता के अंधेरे को चीरकर ज्ञान, प्रेम और इंसानियत का दीप जलाने का संकल्प है।उन्होंने भावी पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि इस बार बारूद के शोर और धुएं से दूर रहकर एक सुरक्षित,स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल दीपोत्सव मनाएं ताकि हमारी प्रकृति भी मुस्कुरा सके।आधुनिकता की चकाचौंध के बीच यह पूरा आयोजन बच्चों के लिए केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि अपनी जड़ों सनातन संस्कारों और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने की एक अनूठी पाठशाला साबित हुआ। इस यादगार उत्सव के साक्षी के रूप में प्रधानाचार्या श्रीमती हर्षलता शर्मा, उप प्रधानाचार्य अमित अग्रवाल, समन्वयक अभिषेक चौधरी, राणा प्रताप यादव, ज्योति, शिवांगी, अमित, प्रभांशु सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी मौजूद रहे जिन्होंने बच्चों की इस अद्भुत प्रतिभा की जमकर सराहना की।
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