मानवाधिकार मीडिया
photo

विष्णु गुप्ता ने सूचना के अधिकार के तहत मांगी 10 बिंदुओं पर जानकारी बजट, दवा खरीद और शिकायतों की मांगी रिपोर्ट

baitullah khan • District Crime reporter • Maharajganj • 🕐 04 Nov 2026, 05:02 PM

महराजगंज। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र के निवासी विष्णु गुप्ता ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जन सूचना अधिकारी/अपर जिलाधिकारी महराजगंज को एक विस्तृत प्रार्थना-पत्र सौंपकर सीएचसी फरेंदा के अधीक्षक की तैनाती, अस्पताल के बजट, दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों की खरीद सहित कुल 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रमाणित दस्तावेजों की मांग की है। इस आरटीआई आवेदन के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार आवेदक विष्णु गुप्ता निवासी झुनुवा ने आरटीआई अधिनियम के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फरेंदा में चल रहे प्रशासनिक कार्यों और सरकारी धन के उपयोग से संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां मांगी हैं। आवेदन में वर्तमान में तैनात अधीक्षक के पदस्थापना आदेश की तिथि उनके कुल कार्यकाल की अवधि और उनके पद के लिए निर्धारित कर्तव्यों व दायित्वों से संबंधित शासनादेश की प्रति मांगी गई है।इसके साथ ही पिछले तीन वित्तीय वर्षों में सीएचसी फरेंदा को प्राप्त हुए कुल बजट का वर्षवार विवरण और अस्पताल के बजट से किए गए प्रमुख व्ययों की जानकारी मांगी गई है।आरटीआई के जरिए पिछले तीन वर्षों में अस्पताल के लिए खरीदी गई दवाओं, चिकित्सा उपकरणों की सूची उनकी खरीद राशि और संबंधित वित्तीय स्वीकृति के आदेशों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई हैं।जिससे अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता और खर्चों की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।आवेदक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर मिलने वाली जनशिकायतों का भी ब्योरा मांगा है। पिछले तीन वर्षों में प्राप्त शिकायतों की संख्या उनकी तारीख और उन पर की गई विभागीय जांच व कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की गई है। इसके अलावा, सीएचसी फरेंदा में वर्तमान में स्वीकृत पदों तथा कार्यरत कर्मचारियों की पदवार संख्या की भी प्रमाणित जानकारी मांगी गई है। आवेदक ने स्पष्ट किया है कि मांगी गई सभी सूचनाएं केवल सरकारी कार्य, प्रशासनिक रिकॉर्ड और सार्वजनिक धन के उपयोग से संबंधित हैं इसलिए निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं।

पूरी ख़बरें देखें — News Update
© 2026 मानवाधिकार मीडिया