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जालसाजों के जाल में उलझा कानून

- 13 सालों से न्याय के लिए भटक रहा गरीब 
 
रायबरेली। जालसाजों व धोखेबाजों के आगे कानून अपना काम नहीं कर पा रहा है उसका सीधा फंडा है जब कानून की रखवाली करने वाली खाकी  धोखेबाजों व गुंडों मवालियों का साथ देने पर उतर आती है तब न्याय व कानून दोनों का गला पुलिस घोट देती है वह भी चंद रुपयों की लालच में उनकी जेबे भले गरम हो जाती हैं लेकिन कानून और न्याय का जमकर मजाक उड़ाया जाता है, यह मामला थाना महराजगंज क्षेत्र का है यहां पर पुलिस ने न्याय और कानून दोनों को अनदेखा कर जालसाजों का साथ दिया है और कोर्ट को भी गुमराह किया,जिसके चलते 13 सालों से कोर्ट और  पुलिस थानों का चक्कर काटने वाले गरीब को न्याय अभी तक नसीब नहीं हो पाया है, मामला कुछ इस तरह है थाना क्षेत्र के मोन गांव के बख्तखेडा निवासिनी नन्हऊ पुत्री राम अवतार की पुश्तैनी जमीन को चकबंदी लेखपाल की सहयोग से जालसाजों ने फर्जी बिक्री नामा के आधार पर हड़प लिया था,मामला सन2004 का है,जब गिरोहबंद धोखेबाजों की करतूत का पता पीडिता को चला तब उसने न्यायालय से न्याय के लिए दस्तक दी, कोर्ट ने पीड़िता के वाद को स्वीकार करते हुए जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का आदेश पारित किया,महराजगंज पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अपराध संख्या 391/ 2004 धारा 419,420,467, 468, 471,आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया था, इस मामले में पुलिस ने चंद्रभान,भाई लाल,फुलवासा पत्नी गया प्रसाद निवासी बख्तखेडा़ मजरे मोन व सरोजनी सिंह (वर्तमान ग्राम प्रधान) पत्नी माताफेर सिंह, छवि नारायण तिवारी चकबंदी लेखपाल को मुलजिम बनाया था, मजे की बात तो यह है कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने विपक्षियों के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया यहीं से शुरू होता है पुलिस का विपक्षियों के साथ सेटिंग सेटिंग का खेल,हुआ यह है कि पुलिस कछुए की चाल से विवेचना शुरू कर दिया और विपक्षियों को जेल का भय पैदा कर मोटी रकम वसूली कर अपनी जेब गर्म कर लिया, इसी दौरान मुकदमा वादनी नन्हऊ की मृत्यु हो गई,और पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगाकर जालसाजों को दोषमुक्त कर दिया और जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दिया,अरसा करीब 10 साल का गुजर जाने के बाद मृतका वादिनी के पति दया राम पुराने मामले की जानकारी किया तो पता चला की पुलिस ने जालसाजों के पक्ष में अपनी रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दिया है,दयाराम ने पुन: मामले को जीवित करने और न्याय की गुहार लेकर अदालत में दरवाजा खटखटाया,सूत्रो कि माने तो इसी दौरान विपक्षी जालसाज हाई कोर्ट पहुंचकर स्टे लेने का प्रयास किया किंतु मामले की गंभीरता को भाफते  हुए हाईकोर्ट ने पुन: निचली अदालत को सुनवाई करने का आदेश पारित किया निचली अदालत के आदेश पर महाराजगंज पुलिस ने समूचे प्रकरण की पुन:  नये सिरे से निष्पक्ष विवेचना करना शुरू कर दिया है अब देखना यह है कि जालसाजों के गिरोह का पुलिस दबाव मानती है या अपनी जांच में न्याय और कानून का सम्मान रखते हुए निष्पक्ष जांच करती है, यह तो आगे आने वाला समय ही तय करेगा, फिलहाल वर्तमान वादी दयाराम ने पुलिस अधीक्षक व  जिला अधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि विपक्षीगण उस पर सुलह का दबाव बना रहे है।

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