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विद्युत विभाग के तानाशाही के विरूद्ध सड़कों पर उतरेंगे अकेला

-गरीबों के विरूद्ध हो रहा अत्याचार बर्दास्त नहीं किया जायेगा
 
रायबरेली/बछरांवा।  विद्युत विभाग द्वारा अनाप सनाप बिल भेजे जानें व धुआ-धार हो रही कटौती को बर्दास्त नहीं किया जायेगा। अगर तत्काल प्रभाव से विभाग ने अपनी गलती सुधारते हुए बिलों में शंशोधन न किया तो बछरावां की सड़कों पर आन्दोलन खड़ा किया जायेगा। और क्षेत्र की पीड़ित जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है। यह विचार है पूर्व विधायक रामलाल अकेला के जो उन्होनें अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान व्यक्त किये। उन्होंने कि कस्बे व क्षेत्र के हालात यह है कि जो उपभोक्ता लगातार बिजली बिल दे रहें है। उन्हें भी विभाग धारा 3 की नोटिसें भेज रहा है। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कस्बे के अन्दर चूड़ी मण्ड़ी निवासिनी किरणलता मिश्रा द्वारा अधिभार माफी के दौरान अधिभार छोड़कर पूरा भुगतान कर दिया गया। परन्तु उन्हें भी 96 हजार रूपये की नोटिस विभाग द्वारा दी गयी है इतना ही नहीं उनका बिल लगातार बिना रीड़िंग के आ रहा है जबकि उन्हें यहां मीटर लगा हुआ है। विभाग को यह भी जानकारी नहीं कि उनके यहां मीटर किस तारीख को लगाया गया। श्री अकेला ने कहा कि यह तो एक उदाहरण मात्र है 90 प्रतिशत उपभोक्त योगी राज की इस गुण्ड़ागर्दी से परेशान हो रहा है। गरीबों का खून चूस कर यह सरकार अपना खजाना भरना चाहती है। किसान का आय दुगनी करने का डंका पीटने वाले मोदी के इशारे पर प्रदेश की सत्ता में बैठ योगी द्वारा किसानों को 76 प्रतिशत अधिक बिजली दर लाद दी गयी। गरीब महिलाओं को मुफ्त में सिलेण्ड़र व चूल्हा देने वाली यह सरकार लगातार गैस के दाम बढ़ाती जा रही है। आज 800 रू0 का 14 किलो वाला सिलेण्ड़र आ रहा है जो किसी गरीब के लिए खरीद पाना टेढ़ी खीर है। उन्होंने कहा कि किसानों से धान खरीदनें का ड़ंका बजाने वाली इस सरकार को शायद यह नहीं मालूम है कि सारा धाना मिल, मालिकों, व बिचैलियों के द्वारा खरीदा जा रहा है। और बड़े-बड़े कास्तकारों के इन्तखाफ लेकर सरकारी दर का पैसा हडपा जा रहा है। गरीब किसान को अपनी फसल की वाजिब कीमत नहीं मिल पा रही है। मौजूदा सरकार रोजगार देने के नाम पर बेरोजगारों से रोजी रोटी छीननें का कार्य कर रही है। शिक्षा मित्र व प्रेरक व आंगनबाड़ी इसके उदाहरण है यह सरकार प्रधानों को पूरी तरह से बेईमान समझ रही है। पता नहीं उसके कैसे सलाहकार है जिनको 250 रू0 प्रति बोरी में सीमेन्ट तथा 25 रू0 प्रति घनफुट मौरंग का रेट दिखायी पड़ रहा है। गांवों में होने वाले विकास कार्यों में सामनों की दरें इतनी घटा दी गयी है कि प्रधान चाहते हुए भी विकास कार्य नहीं कर पायेगा। देश की जनता यह अच्छी तरह समझ रही है। और वह पूरी तरह 2019 में इनको सबक सिखानें के लिए तैयार है। वार्ता के इस मौके पर शेखर चैधरी, जगदीश त्रिपाठी, शकील मंसूरी, रामबहादुर यादव, सतेन्द्र श्रीवास्तव, पप्पू मिश्रा सहित भारी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहें। 

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