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हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक सम्पन्न हुआ हाफिज रौनी का उर्स।

रायबरेली बछरावाँ । हिन्दू मुस्लिम एकता के प्रतीक रूप में लगने वाला बछरावाँ कस्बे का हजरत सय्यैद शाह मखदमू व हाफिज रौनी रहमतुल्लाह अलैह सालाना उर्स बडे ही अकीदद के साथ मनाया गया। तीन दिन होने वाले इस उर्स का उद्घाटन पूर्व विधायक रामलाल  अकेला के द्वारा किया गया। उद्घाटन के बाद मौजूदा अबाम मुखातिब होते हुए श्री अकेला नें कहा कि हार और जीत राजनीति में कुछ भी माईनें नहीं रखती वो वह इससे पहले भी कई चुनाव हार चुके है और कई चुनाव जीत चुके है। किसी भी राजनेता की हार तब होती है जब वह अपने समर्थकों के दिलों से बाहर हो जाये उन्हें खुशी है कि उनके समर्थकों के दिलों में आज भी रामलाल अकेला के लिए जगह बनी हुई है। अपने दर्द का इजहार कते हुए उन्होंनें कि इस बार के चुनाव में उन्होंनें यह जरूर महसूस किया है कि जनता की नजरों में काम की कोई कीमत नही है। वह लोग जिन्होंनें 5 वर्ष तक अपने काम निकाला चुनाव के समय सबसे ज्यादा विरोधी बनकर वही खड़े हो गये। आधा दर्जन से अधिक पावर हाऊस सैकड़ों किलोमीटर सड़के, आई0टी0आई0 जैसी संस्थाएं उन्होंनें अपने प्रयास से क्षेत्र में लाने का कार्य किया। बछरावां के विकास के लिए लखनऊ इलाहाबाद राजमार्ग से बांदा बहराईच मार्ग को बाईपास के द्वारा जोड़नें के लिए प्रयत्न किया। परन्तु वह समझ नहीं पाये ऐसी कौन सी गलती हो गयी जिस पर बछरावां की जनता नें उन्हें ठुकरा दिया। उन्होंनें यह भी कहा कि सरकार चाहे जिस दल की अपने कार्यकर्ताओं के लिए वह सदैव तत्पर थे और रहेंगें। बछरावां क्षेत्र की जनता जहां भी अन्याय होगा वहां वह संघर्ष का रास्ता अख्तियार करेंगें। उर्स कमेटी के अध्यक्ष निजामुद्दीन मंसूरी नें कहा कि यह उर्स बछरावां हीं नहीं प्रदेश के लिए एक गौरव पूर्ण स्थान रखता है। क्योंकि इन पीर फकीरों मजारों पर दुआ मांगने वालों में मुसलमानों से ज्यादा हिन्दु होते है। श्री मंसूरी नें कहा कि साधु, संत व पीर फकीर किसी जाति व धर्म के नहीं होते वह केवल चाहे उसे अल्लाह कह लिया जाय या भगवान उसके नुमाईंन्दे होते है। और याचक के भलाई के साथ-साथ उसे सही रास्ता दिखानें कार्य करतें है। ज्ञात हो कि उर्स के पहले दिन कुरानखानी, व मिलादुन्नवी का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें दूर-दूर से आये मौलान लोगों के द्वारा तकरीरें पेश की गई। दूसरे दिन लतीफ अजमेरी कानुपर व मेहा नाज सिद्दकी तथा तीसरे दिन शरीफ परवाज कानपुर व बेबी चाँदनी कलकत्ता के बीच जवाबी कौवाल्ली का कड़ा मुकाबला आयोजित हुआ। कार्यक्रम के आयोजन में डा0 चन्द्रमणि त्रिपाठी, शादाब, राजू मंसूरी, समीम कुरैशी, साहबुद्दीन, राम जी चौधरी परमानन्द चौधरी, अनस तवरेज आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का संचालन मो0 आलिम के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के बौद्धिक लोगों को उर्स कमेटी के द्वारा अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।


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