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जोधपुर ज़िले की एक छोटी सी जगह फलौदी

 

 

राजस्थान के जोधपुर ज़िले की एक छोटी सी जगह फलौदी हाल ही में सुर्खियों में रहा है.
19 मई को यहां का तापमान रिकॉर्ड 51 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था. ये भारत में अब तक का दर्ज किया गया सबसे ज़्यादा तापमान है.
इससे पिछला रिकॉर्ड 60 साल पहले 50.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.
वैसे यहां पर साल के छह महीने से भी ज़्यादा दिनों तक तापमान 40 डिग्री के ऊपर ही रहता है.
राजस्थान के दूसरे हिस्सों की तरह यहां भी पीने की साफ पानी की क़िल्लत है.
लोगों में इस बात को लेकर रोष है कि इंदिरा गांधी नहर के इतने नज़दीक होने के बावजूद उन्हें मीठे पानी की सप्लाई नहीं मिल पाती है.
खारे पानी के ज़्यादा होने की वजह से 20 किलोमीटर दूर रिन नामक जगह में नमक की खेती होती है. यहाँ की नमक की सप्लाई टाटा को भी होती है.
यहां के नमक की खपत पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तक होती है.
यहां पत्थरों की कटाई का काम भी होता है. यहां के लोग कम पानी और चिलचिलाती गर्मी के साथ ख़ुद को ढाल चुके हैं.
यहां की औरतों को जला देने वाली तपिश में भी पानी के लिए रोज़ाना कई किलोमीटर का सफ़र तय करना पड़ता है.
19 मई के दिन यहां पानी के सारे स्टॉक खत्म हो गए थे. यहां ज्यादातर लोगों के यहां फ्रिज नहीं है, इसलिए पानी को घड़े में ही ठंडा करते हैं.
मज़दूरी करने वाले करीम कहते हैं कि लोग गर्मियों के दिनों में ही काम करवाना पसंद करते हैं क्योंकि गर्मी में दिन बड़े होते हैं और एक दिहाड़ी के पैसे में सवा दिहाड़ी का काम हो जाता है. इसीलिए भीषण गर्मियों में तपते सूरज में उन्हें काम करने की आदत हो गई है. 19 मई वाले दिन को गर्मी की बढ़ती तपिश देख मालिक ने दोपहर में काम रुकवा दिया था.
राजस्थान के छोटे शहरों में औरतों को घर से बाहर निकलने की कम ही आज़ादी मिलती है. गर्मी के दिनों में वे घर के दरवाजे और खिड़कियों पर ही दिन गुज़ारती हैं.
त्रिलोक चंद गहलोत कहते हैं कि बढ़ती हुई गर्मी के कारण वे 19 मई को अपने नमक के खद्दान में जाने की हिम्मत नहीं कर पाए थे लेकिन नमक मजदूरों को तो वहां जा कर काम करना ही पड़ता है चाहे तापमान 40 हो या 50 या फिर 51 ही क्यों ना हो.
भारतीय मौसम विभाग ने 19 मई को यहां का तापमान 51 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया था लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने अपने निजी यंत्र में लगभग 54 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया था.


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