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अब पूरा देश कहेगा नो पॉलीथिन

सकारात्मक सोच के साथ शुरू किया गया दैनिक भास्कर का ‘नो पॉलीथिन’ कैंपेन जल्द ही पूरे देश की आवाज बनेगा। पॉलीथिन के दुष्परिणामों को देखते हुए केंद्र सरकार इसे पूरे देश में अब सख्ती से प्रतिबंधित करेगी। 

जावड़ेकर ने बताया कि ‘पॉलीथिन केरी बैग मुक्त भारत अभियान’ के तहत देश के हर राज्य को जोड़ा जाएगा। पॉलीथिन पर पूरी तरह रोक लग सके, इसके लिए गाइडलाइन क्या होगी? इस सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तीन चरणों में अभियान की रूपरेखा तैयार की गई है। 40 माइक्रॉन के नीचे की गुणवत्ता वाले थैलों पर पूर्ण प्रतिबंध इसका पहला चरण है। इस संबंध में वैसे पहले से ही नियम हैं, लेकिन इन्हें पूरी तरह प्रभावी बनाया जाएगा। इसके बाद पॉलीथिन केरी बैग बनाने वाले अवैध कारखानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिन केमिकल का उपयोग पॉलीथिन बनाने में होता है, उन्हें तैयार करने वाली फैक्ट्रियों को भी सख्त नियमों के दायरे में लाया जाएगा, जिससे केमिकल का दुरुपयोग रोका जा सके।
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि ‘पॉलीथिन केरी बैग मुक्त भारत अभियान’ का तीसरा व अंतिम हिस्सा सबसे महत्वपूर्ण होगा। इसके तहत राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और जन-जन को पॉलीथिन के खिलाफ मुहिम से जोड़ा जाएगा।

उन्होंने ‘दैनिक भास्कर’ की ओर से छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे अभियानों का उदाहरण देते हुए कहा कि चरणबद्ध ढंग से काम किया जाए, तो नतीजे जरूर सकारात्मक होंगे।
उन्होंने जोर दिया कि केंद्र सरकार की कोशिश होगी कि ये अभियान जनभागीदारी के रूप में सफल बने। जावड़ेकर ने कहा कि आज हर व्यक्ति पॉलीथिन के दुष्परिणाम देख रहा है।
रोजाना कचरे के रूप में निकलने वाला 15 हजार टन पॉलीथिन पर्यावरण को जहर-सा नुकसान पहुंचा रहा है। जमीनें बंजर होती जा रही हैं। गायों की मौत होती है तो अधिकतर के पेट से 25-30 किलो तक पॉलीथिन निकलता है। सब जानते हुए भी अनजान बने रहना कहां तक ठीक है, इसलिए समय रहते सबको आगे आना होगा।


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