Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

Create an account

Fields marked with an asterisk (*) are required.
Name *
Username *
Password *
Verify password *
Email *
Verify email *
Captcha *
Reload Captcha

एसपी मानवाधिकार ने एसिड पीडिता की जांच किया प्रारंभ

 

  एस के सोनी 

रायबरेली । ऊंचाहार कोतवाली के गांव सवैयाधनी निवासिनी दलित दुराचार पीडिता के साथ दोबारा हुए एसिड अटैक करने के मामले में मानवाधिकार के लखनऊ मण्डल के एसपी ने शनिवार के दिन गांव पहुंच कर उसकी जांच पडताल प्रारंभ दिया है जिसमे दलित पीडिता के घर पर ताला लटकने पर ग्रामीणों का बयान लिया है जिस दौरान पुलिस की लापरवाही परत दर परत सामने आया है। लखनऊ मण्डल के मानवाधिकार एसपी हरीश कुमार शनिवार के दिन गांव सवैयाधनी निवासिनी दलित दुराचार एसिड पीडिता के ऊपर दोबारा एसिड अटैक के गांव सवैयाधनी का स्थली जांच करने पहुंचे जहां पर हलाकि पीडिता के लखनऊ मे ही भर्ती होने पर वहां पर ही ईलाज चलरहा है। आप को बताते चलें कि एक माह पहले रायबरेली से लखनऊ जाते समय गंगा गोमतीएक्सप्रेस मे एसिड अटैक दलित पीडिता के होने पर मामला मुख्यमंत्री के पहुंचने पर लखनऊ का हाईप्रोफाइल मामला हो गया है जिसको लेकर डीजीपी कार्यालय से लेकर आईजीजोन तक के यहां से सीओ के नेतृत्व मे आयी टीम ने जांच करके जा चुकी है।जिस मामले मे स्थानीय स्तर पर पुलिस की ही प्रथम दृश्टयः लापरवाही सामने आया है। जिसके तहत एसिड अटैक से 16 अक्टूबर 2016 से कोतवाली मे तैनात तत्कालीन एसओ ने पीडिता के साथ लगे सुरक्षाकर्मी को हटा लिया था जो कि आयोग का आदेश था कि महिला को सुरक्षा दिया जाये।लेकिन पुलिस परत दर परत लापरवाही बरतती चली आयी है।जो कि 16 अक्टूबर 2016 को तत्कालीन एसओ की घोर लापरवाही मानवाधिकार के एसपी के समक्ष आया है। जिसमे मानवाधिकार एसपी हरीश कुमार ने बताया कि महिला के एसिड अटैक करने के मामले मे अरोपी गुड्डू व भोंदू का पुलिस ने जेल भेज दिया है जिसमे महिला की उत्पीणन मे पुलिस की भुमिका संदिग्ध रही है क्योंकि आयोग के आदेश के बावजूद 16 अक्टूबर 2016 मे तैनात रहे एसओ की घोर लापरवाही सामने आया है | यदि सुरक्षा व्यवस्था तत्कालीन एसओ न हटवाते तो दुराचार पीडिता के साथ एसिड अटैक न हो पाता न ही मामला हाई प्रोफाइल होता खुद को उन्होने बताया कि मुख्यमंत्री के आदेश पर मानवाधिकार की तरफ से जांच करने हेतु आने को बताते हुए कहा कि इस मामले मे कई पुलिस के कर्मचारी एवं अधिकारियो के खिलाफ मानवाधिकार की तलवार लटक सकती है जिनसे नाम पूंछने पर कहा कि मै मीडिया को नाम नही दे सकता उसके लिये मेरे उच्चाधिकारियों से संपर्क करना होगा।

 


0
0
0
s2smodern
  1. Popular
  2. Trending