Login to your account

Username *
Password *
Remember Me

Create an account

Fields marked with an asterisk (*) are required.
Name *
Username *
Password *
Verify password *
Email *
Verify email *
Captcha *
Reload Captcha

 

Image may contain: 5 people, people smiling, people standing and indoor

इन्तज़ार की घड़ियाँ हुईं ख़त्म, मानवाधिकार मीडिया का साप्ताहिक अख़बार अब जल्द होगा हिन्दुस्तान के हर घर। 
मानवाधिकार मीडिया के प्रधान सम्पादक श्री कामरान असद जीप्रबन्ध सम्पादक श्री अभिषेक मिश्रा जी राज मोहन सिंह
(रीजनल हेड-नोर्थ इंडिया) साथ में बाराबंकी के डिप्टी ब्यूरो चीफ़ श्री दिलीप तिवारी जी के माध्यम से आज साप्ताहिक न्यूज़ पेपर/पत्रिका/पोर्टल टीम को समस्त उत्तरी भारत में पूर्ण रूप से सुचारू रूप देने का निर्णय लिया, जिसको जल्द ही आरम्भ कर दिया जायेगा।

दिलीप तिवारी ने कहा युवा वर्ग देश का भविष्य होने के साथ-साथ हमारे देश के विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत में युवाओं की संख्या अन्य देशों से अधिक है। भारत की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या की आयु 35 वर्ष से कम है।मानवाधिकार मीडिया का पूरा ध्यान युवाओं के माध्यम से पत्रकारिता के छेत्र में विकास लाने पर केन्द्रित है। उनके अनुसार युवा देश के विकास के लिए अपना सक्रिय योगदान प्रदान करें न कि केवल उसका एक हिस्सा बनकर रह जाएँ।अख़बार खासतौर पर युवाओ को ध्यान में रखकर लाया गया है !

इसी के साथ यह भी निर्णय लिया गया कि अन्याय के खिलाफ युवा टीम आवाज उठाएगी !
और जल्द ही युवा टीम की नियुक्ति शुरू की जाइयेगी! इक्छुक आवेदन करता हो जाए तैयार !

0
0
0
s2smodern

खीरों रायबरेली | बासबरेली से धान का बीज लादकर ट्रक संख्या UP 25 BT 7374 लालगंज जा रहा था | सेमरी से दो किलोमीटर दूर त्रिवेणी काशी महाविद्यालय के निकट सामने से आ रहे वाहन को बचाने मे अनियंत्रित होकर पलट गया जिसमे चालक मोहम्मद हसीन व क्लीनर मोहम्मद अशरफ गम्भीर रूप से घायल हो गये | घायलों को ग्रामीणो व पुलिस की मदद से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया |

रिपोर्ट- शुभम शर्मा

 

0
0
0
s2smodern

 

Image result for pareshan yuva

जिन्दगी में बहुत सारे अवसर ऐसे आते है जब हम बुरे हालात का सामना कर रहे होते है और सोचते है कि क्या किया जा सकता है क्योंकि इतनी जल्दी तो सब कुछ बदलना संभव नहीं है और क्या पता मेरा ये छोटा सा बदलाव कुछ क्रांति लेकर आएगा या नहीं लेकिन मैं आपको बता दूँ हर चीज़ या बदलाव की शुरुआत बहुत ही ढंग से होती है | कई बार तो सफलता हमसे बस थोड़े ही कदम दूर होती है कि हम हार मान लेते है जबकि अपनी क्षमताओं पर भरोसा रख कर किया जाने वाला कोई भी बदलाव छोटा नहीं होता और वो हमारी जिन्दगी में एक नीव का पत्थर भी साबित हो सकता है |

चलिए एक कहानी पढ़ते है इसके द्वारा समझने में आसानी होगी कि छोटा बदलाव किस कदर महत्वपूर्ण है |

 

एक लड़का सुबह सुबह दौड़ने को जाया करता था | आते जाते वो एक बूढी महिला को देखता था | वो बूढी महिला तालाब के किनारे छोटे छोटे कछुवों की पीठ को साफ़ किया करती थी | एक दिन उसने इसके पीछे का कारण जानने की सोची |

 
 

वो लड़का महिला के पास गया और उनका अभिवादन कर बोला ” नमस्ते आंटी ! मैं आपको हमेशा इन कछुवों की पीठ को साफ़ करते हुए देखता हूँ आप ऐसा किस वजह से करते हो ?”  महिला ने उस मासूम से लड़के को देखा और  इस पर लड़के को जवाब दिया ” मैं हर रविवार यंहा आती हूँ और इन छोटे छोटे कछुवों की पीठ साफ़ करते हुए सुख शांति का अनुभव लेती हूँ |”  क्योंकि इनकी पीठ पर जो कवच होता है उस पर कचरा जमा हो जाने की वजह से इनकी गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है इसलिए ये कछुवे तैरने में मुश्किल का सामना करते है | कुछ समय बाद तक अगर ऐसा ही रहे तो ये कवच भी कमजोर हो जाते है इसलिए कवच को साफ़ करती हूँ |

यह सुनकर लड़का बड़ा हैरान था | उसने फिर एक जाना पहचाना सा सवाल किया और बोला “बेशक आप बहुत अच्छा काम कर रहे है लेकिन फिर भी आंटी एक बात सोचिये कि इन जैसे कितने कछुवे है जो इनसे भी बुरी हालत में है जबकि आप सभी के लिए ये नहीं कर सकते तो उनका क्या क्योंकि आपके अकेले के बदलने से तो कोई बड़ा बदलाव नहीं आयेगा न |

 

महिला ने बड़ा ही संक्षिप्त लेकिन असरदार जवाब दिया कि भले ही मेरे इस कर्म से दुनिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आयेगा लेकिन सोचो इस एक कछुवे की जिन्दगी में तो बदल्वाव आयेगा ही न | तो क्यों हम छोटे बदलाव से ही शुरुआत करें |

0
0
0
s2smodern

मऊ जिले में घोसी बाजार के अति व्यस्त इलाके मझवारा मोड़ पर सरेशाम बाइक सवार बदमाशों ने दूकान पर चढ़कर सराफा व्यापारी को गोली मारी और रिवाल्वर लहराते हुए फरार हो गए। घायल सराफा विनोद वर्मा की अस्पताल लाते समय मौत हो गई।दूसरी तरफ भाग रहे बदमाश को फल विक्रेता ने रोकने के लिए स्टूल उठाया, लेकिन उनके हाथों में रिवाल्वर देखकर  सहम गया। बाजार में हुई हत्या की घटना से आक्रोशित भीड़ ने जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक मुनिराज और एएसपी रविंद्र सिंह के आश्वासन देने पर जाम समाप्त हुआ।
पुलिस  जांच पड़ताल कर रही थी। हत्या के कारण की जानकारी नहीं हो सकी है। 

सराफा काराबारी विनोद वर्मा (50) घोसी कोतवाली क्षेत्र के कसबा खास मुहल्ले के निवासी थे। मझवारा मोड़ पर जूनियर हाईस्कूल के सामने किराए का मकान लेकर उसमें दूकान खोली है। सोमवार की शाम विनोद अपनी दूकान पर बैठे थे।

 6.20 बजे एक बाइक पर सवार तीन बदमाश वहां पहुंचे। बताया जाता है दो बदमाश बाइक पर बैठे रहे, जबकि तीसरा उतर कर विनोद की दूकान पर पहुंचा। और विनोद पर ताबड़तोड़ तीन फायर किए। गोली विनोद के गर्दन और सीने में लगी।

इसके बाद बदमाश बाइक पर सवार होकर मऊ की तरफ भागे, इस दौरान मोड़ पर फल की दूकान लगाने वाले भूखन ने बदमाशों को रोकने के लिए स्टूल उठाया। लेकिन उनके हाथ में रिवाल्वर देख सहम गया। घटना के बाद विनोद को उपचार के लिए एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। जहां परीक्षण के बाद डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

सरेशाम बाजार में हुई घटना से नाराज व्यापारियों ने गोरखपुर-वाराणसी नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया। इस बीच पुलिस अधीक्षक मुनिराज भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों को हत्यारोपी बदमाशों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम समाप्त हुआ। 
0
0
0
s2smodern

छत्तीसगढ़ के सुकमा में शहीद हुएँ 26 जवानो को मानवाधिकार मीडिया उत्तर प्रदेश की समस्त ज़िले की टीम देगी भावभीनी श्रद्धांजलि।

 

दिनांक :- 27-04-2017

दिन :- ब्रहस्पतिवार।

समय :- सायं ६ बजे !

स्थान :- मुंशीपुलिया, लखनऊ

 

राज मोहन सिंह

मानवाधिकार मीडिया-09358259972

0
0
0
s2smodern

लखनऊ के राकेश कुमार कश्यप  को मानवाधिकार मीडिया में पत्रकार बनाये जाने के बाद नियुक्तिपत्र देकर बधाई दी।

0
0
0
s2smodern

 

 

*लखनऊ : यूपी में 9 पीसीएस अफसरों के तबादले* 

*घनश्याम सिंह एडीएम नोएडा बनाए गए* 

*केशव कुमार ओएसडी मेट्रो नोएडा* 

*एसके शुक्ला विशेष सचिव मुख्यमंत्री* 

*उमेश प्रताप सिंह अपर निदेशक कृषि*

*अविनाश सिंह नगर आयुक्त कानपुर* 

*रणविजय सिंह विशेष सचिव महिला कल्याण*

*जेपी सिंह अपर निदेशक मंडी* 

*ब्रजराज यादव विशेष सचिव कृषि उत्पादन*

*राजेश पांडेय सचिव आवास विकास परिषद*

0
0
0
s2smodern

संयुक्त राष्ट्र संघ की एक विस्तृत रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने गरीबी को घटाकर आधा करके और लैंगिक समानता हासिल करने सहित सहस्त्रादि विकास लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है लेकिन भारत के लिए अभी कई चुनौतियां शेष हैं। चुनौतियां क्या हैं, इस पर भी रिपोर्ट में प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जहां भुखमरी खत्म करने के लक्ष्य हासिल करने की राह पर है, वहीं विश्व की एक तिहाई कुपोषित आबादी और विश्व में औसत से कम वजन के कम से कम एक तिहाई बच्चे भारत में रहते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में विश्व के करीब एक तिहाई खाद्य असुरक्षित लोग भी है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने गत 6 जुलाई को सहस्त्रादि विकास लक्ष्यों पर रिपोर्ट जारी की है। एशिया प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक संचार रिपोर्ट जारी करता है। यूएनएएस सीएपी के अध्यक्ष नागेश कुमार के साथ देश के जाने माने अर्थ शास्त्री और नीति आयोग (पुराना योजना आयोग) के सदस्य विवेक देव राय ने भारत में सात जुलाई को रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि भारत में जहां लैंगिक समानता की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं साक्षरता दर में महिलाएं पुरूषों से बहुत पीछे हैं। इसका मतलब है कि शैक्षिक व्यवस्था महिलाओं के अनुकूल अभी नहीं हो पायी है। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों के वजन और कुपोषण को लेकर है। देश में खाद्यान्न आत्म निर्भरता है, फिर भी बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। केन्द्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान इसे जमाखोरी और काला बाजारी से जोड़ते हैं। हालांकि आंकड़ों की बाजीगरी भी किसी से छिपी नहीं हैं, इसलिए इस रिपोर्ट पर इतराने की जरूरत नहीं बल्कि वास्तविकता को देखकर उनका सामना करने की आवश्यकता है। मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स (एमडीजी) दुनिया का एक आईना होता है।
भारत ने विश्व मंच पर अपना विशिष्ट स्थान बनाया है, इसमें कोई संदेह नहीं है। आज हम परमाणु शक्ति सम्पन्न है और अंतरिक्ष में भी हमारी अच्छी दखल है। हमारे वैज्ञानिकों नें दुनिया के अन्य वैज्ञानिकों की अपेक्षा बेहतर क्षमता भी दिखती है। मंगलयान को पहली बार ही सफलता पूर्वक पहुंचा कर हमारे वैज्ञानिकों ने यह साबित भी कर दिया है। खाद्यान्न के मामले में हमारा देश आत्मनिर्भर है और बेहतर प्रबंधन कर सकें तो अनाज को बरबादी से बचाकर उसका निर्यात भी कर सकते हैं।
खराब मौसम के चलते गेहूं की फसल बर्बाद हुई लेकिन केन्द्रीय आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान के अनुसार देश के पास खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है। अनाज और दालों की कीमतों में वृद्धि हो रही है तो इसका कारण जमा खोरी है। श्री पासवान कहते हंै कि जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले मांग-आपूर्ति के अंतर को देखते को देखते हुए फायदा उठाने के लिये सक्रिय हो जाते हैं। केन्द्र ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे जमाखोरों के साथ सख्ती बरतें और उन संवेदनशील स्थानों पर आपूर्ति बढ़ाएं जहां अक्सर कमी होती है। इस मामले में श्री पासवान ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून का भी जिक्र किया। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार के कार्यकाल में श्रीमती सोनिया गांधी की पहल पर यह कानून लागू किया गया था। विपक्षी दल इसमें भी राजनीति देख रहे थे और इस कानून का विरोध करते थे। कांग्रेस शासित राज्यों ने ही इसे सबसे पहले लागू किया गया था। भाजपा भी इसका विरोध करती थी लेकिन मोदी की सरकार ने इसे बरकरार रखा। श्री पासवान ने कहा है कि सितम्बर तक यदि इस कानून को राज्यों ने लागू नहीं किया तो राशन की दुकानों के लिए अतिरिक्त अनाज का आवंटन बंद कर दिया जाएगा। इस योजना को अब तक 24 राज्यों ने लागू नहीं किया है। संसद में 2013 में पारित इस कानून को लागू करने की समय सीमा चार सितम्बर 2015 कर दी गयी है।
उल्लेखनीय है कि इस कानून के तहत देश की दो तिहाई आबादी को प्रतिमाह प्रति व्यक्ति एक से तीन रूपये प्रति किलो के दाम पर पांच किलो सब्सिडी युक्त अनाज प्राप्त करने का कानूनी अधिकार है। इस के तहत परिवारों की पहचान, राशन कार्ड जारी करना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करना शामिल है। ये सभी कार्य राज्य सरकारों को ही करना है। देश के सामने असली चुनौतियां यही हैं। संयुक्त राष्ट्रसंघ के पास जो आंकड़े पहुंचे हैं, इसीलिए उन पर भी संदेह होता है। गरीबी आधी हो गयी है। इसकी व्याख्या करना भी आसान नहीं है। पिछली यूपीए सरकार के समय शहरी और ग्रामीण गरीबों का मापदण्ड तय किया गया था। योजना आयोग ने जो आमदनी बतायी थी, उसका लोग मजाक उड़ा रहे थे। महंगाई जिस कदर बढ़ रही है, इसमें चाय की कीमत भी छह रूपयें हो गयी है। वर्तमान में दालें 100 रूपये किलो पहुंच गयी है। हरी सब्जियों की कीमत भी आसमान छू रही है। दूध पचास रूपये किलो बिक रहा है, और उसमें भी सिंथेटिक दूध की पहचान करना मुश्किल है। दूध का जितना उत्पादन नहीं होता, उससे ज्यादा पनीर की खपत हो रही है। दाल, सब्जी और दूध यदि उचित मात्रा में बच्चों को नहीं मिलेगा तो उनमें कुपोषण की समस्या पैदा होना स्वाभाविक है। और वजन भी मानक के अनुरूप नहीं होगा। केन्द्रीय आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान का यह कहना भी काफी हद तक उचित है कि जमाखोरों के चलते खाद्यान्न यहां तक कि प्याज आदि की कीमतें बढ़ रही हैं और गरीबों को अपने बच्चों का पेट भरना ही मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही भंडारण की भी उचित व्यवस्था करनी पड़ेगी। सब्जियों फलों का उत्पादन एक साथ प्रचुर मात्रा में होता है। और उनको सुरक्षित न रख पाने पर वे बर्बाद हो जाते है।
खाद्य सुरक्षा कानून का सभी राज्यों में लागू न होना निश्चित रूप से शर्मनाक है और 4 सितम्बर 2015 से इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। राज्यों को गरीबों की चिंता नहीं है अथवा उनकी नौकर शाही कोताही बरत रही है क्योंकि केन्द्र से अनाज का आवंटन तभी होगा जब राज्य यह बताएंगे कि कितने परिवार इसके पात्र है। राज्यों ने बीपीएल कार्ड और मनरेगा जाॅब कार्ड बनाने में जब ईमानदारी नहीं बरती तो खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्ड भी मनमाने तरीके से ही बनेंगे।

0
0
0
s2smodern

 

लखनऊ:-बहुजन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दकी को झटका देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। कहा जा रहा है कि बीजेपी के पूर्व नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी और योगी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह के साथ उनकी नाबालिक बेटी पर भी अभद्र टिप्पणी की गई थी। जिसके कारण ही अब बसपा नेता नसीमुद्दीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बता दें कि इनके खिलाफ इससे पहले पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि राम अचल राजभर और मेवालाल गौतम पर भी चार्जशीट दाखिल की जाएगी।बता दें कि दयाशंकर सिंह ने बसपा मुखिया मायवती पर एक विवादित बयान दिया था। जिसके विरोध में बसपा दयाशंकर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लेकिन इस दौरान बसपा केकई कार्यकर्ताओं ने दयशंकर सहित उसके परिवार के लोगोंको भद्दी गालियां देना शुरू कर दिया। दयाशंकर के घर के आसपास रहने वाले बसपा नेताओं द्वारा उसके परिवार के सदस्यों पर अभद्र टिप्पणी किया जा रहा था। इस बात की पुष्टि दयाशंकर की पत्नी स्वाती सिंह ने की थी।स्वाति ने बताया था कि बसपा नेताओं ने उनके परिवार के खिलाफ़ प्रदर्शन मे गालीगलौज किया था। उन्होंने कहा किमायावती और नसीमुद्दीन के उकसाने पर ही उसके कार्यकर्ताओं द्वारा गाजी-गलौज की गई। उसी के कारण मेरे बच्चों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मायावती से मुझे जान का खतरा है और उससे बचाने के लिए मुझे और मेरे परिवार को तत्काल सुरक्षा दी जाए। बाद में स्वाति ने बसपा नेताओं की खिलाफ एफ आई आर भी दर्ज करवा दिया था।

0
0
0
s2smodern

आज देश में मानव अधिकार हनन की घटनायें निरन्तर बढती जा रही हैं जिनमें मानव उत्पीड़न, महिला उत्पीड़न, योन शोषण एवं बाल श्रम जैसी घटनायें प्रमुख हैं। जेल में बन्द क़ैदियों की स्थिति दयनीय एवं चिन्ताजनक है। देश में भ्रष्टाचार, सम्प्रदायिकता, जातिवाद, अलगाववाद, भाषावाद, प्रान्तवाद जैसी समस्याए दिन-प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है।

आज़ादी के 67 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज असंख्य भारत वासी बेहतर भोजन, शिक्षा, स्वास्थ, आवास शुद्ध पेय जल, न्याय समानता और विकास जैसी मूलभूत सुविधाओं से आज भी वंचित है।

हमारे संविधान में जाति, धर्म, वंश, मूल, लिंग, अमीरी-गरीबी, शिक्षित-अशिक्षित किसी भी प्रकार का विभेद नहीं किया गया है। संविधान में देश के प्रत्येक व्यक्ति को दैहिक, एवं प्राणित स्वतन्त्रता के अधिकार के साथ गरिमामय जीवन यापन करने की भावना निहित की गयी है। इसको व्यवहारिक रूप में लाने के लिये संविधान में विधायिका, न्यायपालिका एवं कार्यपालिका की व्यवस्था की गयी है। इसी आधार पर हमारे देश का संविधान विश्व का सर्वश्रेष्ठ संविधान माना जाता है।

परन्तु विडम्बना यह है कि इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत वर्ष के प्रत्येक नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय मिल सका है। मोहल्लों के सफ़ाई नहीं होती, राशन की दुकानों पर वस्तुये सही से नहीं मिलती। सरकारी दफ्तरों में कुछ दिये बिना काम नहीं होता, अस्पतालों में दवायें नहीं मिलती, डाक्टर, नर्स मरीज़ों पर ध्यान नहीं देते, सड़के टूटी हैं, बिजली ठीक से मिलती नहीं,  

0
0
0
s2smodern
  1. Popular
  2. Trending