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 15अगस्त का दिन हमलोग पूरे उत्साह और खुशी के साथ मनाते है क्योंकि इसी दिन ब्रिटीश शासन से 1947 में भारत को आजादी मिली थी। हमलोग  70वाँ स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहे है। सभी भारतीयों के लिये ये बहुत ही महान और महत्वपूर्ण दिन है। कई वर्षों तक अंग्रेजों के क्रूर बर्तावों को भारतीय लोगों ने सहन किया। आज हमलोग लगभग सभी क्षेत्रों में आजाद है जैसे शिक्षा, खेल, परिवहन, व्यापार आदि क्योंकि ये केवल हमारे पूर्वजों के संघर्षों की वजह से संभव हो सका। 1947 से पहले, लोगों पर बहुत पाबंदियाँ थी यहाँ तक कि उनका अपने दिमाग और शरीर पर भी अधिकार नहीं था। वो अंग्रेजों के गुलाम थे और उनके हर हुक्म को मानने के लिये मजबूर थे। आज हम कुछ भी करने के लिये आजाद है उन महान भारतीय नेताओं की वजह से जिन्होंने ब्रिटीश शासन के खिलाफ आजादी पाने के लिये कई वर्षों तक कड़ा संघर्ष किया।

बहुत खुशी के साथ पूरे भारत में स्वतंत्रता दिवस को मनाया जाता है। ये सभी भारतीयों के लिये बेहद महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि ये हमें मौका देता है उन महान स्वतंत्रता सेनानीयों को याद करने का जिन्होंने हमें एक शांतिपूर्ण और खूबसूरत जीवन देने के लिये अपने जीवन की कुर्बानी दे दी। आजादी से पहले, लोगों को पढ़ने-लिखने की, अच्छा खाने की और हमारी तरह सामान्य जीवन जीने की मनाही थी। भारत में आजादी के लिये जिम्मेदार उन कार्यक्रमों का एहसानमंद होना चाहिये। अपने अर्थहीन आदेशों की पूर्ति के लिये अंग्रेजों द्वारा भारतीयों के साथ गुलामों से भी ज्यादा बुरा बर्ताव किया जाता था।

भारत के कुछ महान स्वतंत्रता सेनानी है नेताजी सुभाष चनद्र बोस, गाँधीजी, जे.एल.नेहरु, बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह, खुदीराम बोस, चन्द्रशेखर आजाद आदि। ये प्रसिद्ध देशभक्त थे जिन्होंने अपनी जीवन के अंत तक भारत की आजादी के लिये कड़ा संघर्ष किया। हमारे पूर्वजों द्वारा संघर्ष के उन डरावने पलों की कल्पना भी नहीं कर सकते हमलोग। आजादी के वर्षों बाद हमारा देश विकास की सही राह पर है। आज हमारा देश पूरी दुनिया में लोकतांत्रिक देश के रुप में अच्छे से स्थापित है। गाँधी एक महान नेता थे जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह जैसे आजादी के असरदार तरीकों के बारे में हमें बताया। अहिंसा और शांति के साथ स्वतंत्र भारत के सपने को गाँधी ने देखा।

भारत हमारी मातृभूमि है और हम इसके नागरिक है। हमें हमेशा इसको बुरे लोगों से बचाने के लिये तैयार रहना चाहिये। ये हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने देश को आगे की ओर नेतृत्व करें और इसे दुनिया का सबसे अच्छा देश बनाये!

 

 

आज़ादी के 70साल, रहे बेमिसाल......

दिनाक 15अगस्त 2017 को झंडारोहण का कार्यक्रम मानवाधिकार मीडिया कार्यालय,

लखनऊ पर आयोजित किया जाएगा जिसमें आप सभी की उपस्तिथि प्रार्थनीय है।

स्थान :- ४, तायल कॉलोनी, ऐशबाग़ रोड, हैदरगंज, लखनऊ

समय :- प्रातः 8 बजे 

जय हिन्द जय भारत !!

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सद्दीक खान 

रायबरेली । नाग पंचमी का त्योहार शहर से लेकर गाँव तक बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह मेले व दंगल का आयोजन किया गया, शहर क्षेत्र के जहानाबाद पर मेले का आयोजन किया गया जिस पर देर शाम बुराई के प्रति गुड़ियों को पीटकर लोगों नें त्योहार को जश्न के साथ मनाया इधर रोड पर मेले के आयोजन से लोग घंटो जाम मे फसे रहे जाम को हटाने मे पुलिस का एक भी नुमाइंदा नहीं दिखाई पड़ा ,  मंहगाई के चलते बाजारों में सन्नाटा छाया रहा, गत वर्शों की तुलना में इस बार हरी चूड़ियों की बिक्री भी कम रही, लोगों ने जैसे तैसे अपनी खुषियों को अंजाम दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ते विज्ञान, व राजनैतिक विद्वैष की झलक साफ दिखायी पड़ी। प्रत्येक गांव में पड़ने वाले झूले भी इस बार नहीं दिखायी पड़े ना ही ग्रामीण महिलाओं द्वारा मधुर स्वर में गाये जानें वाले कजरी गीत विलुप्त रहे। वास्तव में बढ़ती वैज्ञानिक स्पर्धा के चलते कुओं से सिचााई करनें की प्रथा समाप्त हो गयी इस सिचाईं में प्रयुक्त होने वाले मोटे-मोटे रस्से जो कभी झूले ड़ालने के काम आते थे नश्ट प्रायः हो गये। राजैनिक नेताओं द्वारा फैलायी जाने वाली जातीय द्वैष के चलते ना सामूहिक रूप से छुआ-छूत को दरकिनार इन झूलों पर बैठकर कोकिल स्वर में कजरी गानें वाली महिलाएं रह गयी और नाही झूले को पींगे मारनें वाले कड़ियल जवान ही रह गये। जातीय विद्वैष की आंधी नें इस त्यौहार के पारस्परिक त्यौहार निगल सा लिया है। कुल मिलाकर अन्य त्यौहारों की तरह यह त्यौहार भी औपचारिकता मात्र बनकर रह गया है।

इन्सेट - 

 विद्यालयों में भगवान शिव की पूजा अर्चना

रायबरेली । नाग पंचमी के अवसर पर क्षेत्र के विद्यालयों में बच्चों ने अपनी अपनी प्रतिभा के माध्यम व भगवान शिव की पूजा अर्चना कर मनाया। महावीर स्टडी इस्टेट इण्टर कालेज महराजगंज में मध्यावकाश के बाद कालेज में बच्चों की अन्त्याक्षरी एवं गहन प्रश्नोंत्तरी प्रतियोगिता शुरू की गयी। जिसमें बच्चों ने कविता, छंद, सवैया, दोहा, गीत एवं फिल्मी गाने का प्रयोग तथा प्रष्नोत्तरी में समसामयिक विषयों एवं विषय वस्तु की गहनता तथा आज के पावन त्योहार के विषय में प्रष्नोत्तरी द्वारा चर्चा की गयी। जिसमें बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रथम द्वितीय एवं तृतीय जुबेदा, अक्षरा, आलोक, संदीप, रूबा, दषवंत, आनंदराज, गौरव, प्रियंका, जैनब, आयुष, अनामिका, आदर्ष कुलषुम, शैलेन्द्र,पलक, रिया, अक्षत, सुलोचनी, सर्वेष रामेंद्र, कीर्ति, आकृति, षुभम, अंकुर, षिवांगी, देवा, स्नेहा, यषी, आजाद, अंषिका, आदित्य, तनिश्का, आनंद, आकांक्षा रहे। बच्चों को माननीय मैनेजर श्री अवधेष बहादुर सिंह जी ने पुरस्कृत किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री कमल बाजपेई ने सभी बच्चों को बधाई दी।

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 आज हम इन्हीं जाला बनाने वाली मकड़ियों के विषय पर खुलकर बात करेगे. मकड़ी के बारे में ऐसी जानकारी आपको शायद ही कही मिलें.

1. पृथ्वी पर जनसंख्या की बात करें, तो मकड़ियाँ 7वें नंबर पर आती है.

2. मकड़ी, 40 करोड़ साल से धरती पर रह रही है. जो बहुत लंबा समय है. कुछ मकड़ियों की उम्र 1 साल जबकि कुछ की उम्र 20 साल होती है.

3. नर मकड़ी के पास लिंग नही होता बल्कि ये चेहरे के साथ सेक्स करते है.

4. मकड़ियों की 46,000 से ज्यादा प्रजातियों की खोज हो चुकी है. इनमें से केवल एक ‘Bagheera Kiplingi’ नाम की प्रजाति ही शाकाहारी है.

 

5. आपके घर में जितनी मकड़ियाँ है उनमें से 95% ने तो बाहरी दुनिया देखी ही नही.

6. एक एकड़ जमीन पर लगभग 10 लाख मकड़ी होती है. ऐसा माना जाता है, कि कोई इंसान मकड़ी से 10 फीट से ज्यादा दूर नही जा सकता.

7. मकड़ियों के पास ऐसी ग्रंथिया होती है जो रेशम बनाती है. ये कुल 7 तरह के रेशम का उत्पादन कर सकती है जिसकी मोटाई 0.003 मिमी होती है.

 

8. मकड़ियों को ज्यादा दूर का नही दिखाई देता. लेकिन कुछ प्रजातियाँ वो लाइटें भी देख सकती है जो मनुष्य भी नही देख सकता. जैसे:- UVA & UVB Light.

9. मकड़ियाँ ‘Hydraulic Power’ की वजह से चल पाती है. इनके अंगो में माँसपेशियाँ और रीढ्ढ की हड्डी नही होती.

10. मकड़ी का जाला दुनिया की सबसे मजबूत चीजों में से एक है. ये सामान वजन की स्टील से 5 गुना मजबूत होता है. हमारें पास अभी तक ऐसी कोई तकनीक नही आई है जिससे इतनी मजबूत चीज बनाई जा सके. यदि इसे इकट्ठा करके पेंसिल जितनी मोटी रस्सी बनाई जाए तो यह उड़ते हुए बोइंग 747 विमान को भी रोक सकता है. आपको बता दें, इस विमान की टाॅप स्पीड 988km/h है.

11. एक मकड़ी के 48 घुटने होते है… जी हाँ, आप गिन सकते है. इसकी कुल 8 टाँगे होती है और प्रत्येक टाँग पर 6 जोड़ होते है. 8 × 6 = 48. हो गए ना पूरे.

12. मकड़ियाँ पानी पर चल सकती है और उसके अंदर साँस भी ले सकती है. यह अपने आठों पैरों को फैलाकर अपने वजन को बराबर बाँट लेती है जिससे पानी का surface tension नही टूट पाता और इन्हें पानी पर चलने में आसानी हो जाती है.

 

13. मकड़ी, चींटीयों से डरती है क्योंकिं इनमें formic acid पाया जाता है.

14. हमारी मांसपेशियाँ (नसें) कंकाल से बाहर होती है लेकिन मकड़ियों की मांसपेशियाँ उनके कंकाल के अंदर होती है.

15. जब मकड़ी चलती है तो किसी भी एक moment पर हमेशा उनकी चार टाँगे हवा में रहती है और चार जमीन पर.

16. मकड़ियों के पैरो पर छोटे-छोटे बाल होते है. इनकी मदद से ये खूशबू महसूस कर पाती है और ये बाल इन्हें दीवार पर चढ़ते समय पकड़ बनाने में भी मदद करते है.

17. एक मकड़ी एक साल में लगभग 2000 कीड़े खाती है और सभी मकड़ियाँ एक साल में लगभग ब्रिटेन की कुल आबादी के वजन जितने कीड़े खाती है. (आपको बता दें, ब्रिटेन की आबादी 6 करोड़ 8 लाख है.) इतना तो सभी पक्षी और सभी चमगादड़ मिलकर भी नही खाते.

18. कुछ प्रजातियों में, नर मकड़ी का आकार मादा मकड़ी से बहुत छोटा होता है.

19. एक मादा मकड़ी एक बार में 3,000 से ज्यादा अंडे दे सकती है और इसके एक अंडे में मनुष्य से 4 गुना ज्यादा DNA होता है. एक अकेली मकड़ी से कई देशों की जनसंख्यां जितना डीएनए प्राप्त किया जा सकता है.

20. मकड़ी, घोंघे और झींगे के खून का रंग नीला होता है क्योंकि इनके खून में लोहे की जगह ताम्बा पाया जाता है.

21. सभी प्रजातियों में से केवल आधी ही जाला बुन पाती है. इनका जाला बाइक के व्हील की तरह दिखता है. एक मकड़ी को जाला बनाने में करीब 60 मिनट लगते है. कुछ मकड़ियाँ तो हर रोज रात को नया जाला बुनती है जबकि कुछ पुराने को ही रिपेयर कर लेती है. फिर इसके बीच में बैठकर अपने शिकार का इंतजार करती है.

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नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच काफी समय से चल रही तनातनी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय राजनीति को करीब से जानने वाले विशेषज्ञों ने अपनी राय जाहिर करते हुए कहा है अगर भारत और चीन के बीच युद्ध की स्थिति उत्पन्न होती है तो अमेरिका भारत के समर्थन में आगे आ सकता है.  मीडिया सूत्रों के मुताबिक वॉशिंगटन स्थित सेंटर फॉर स्ट्रैटिजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर फेलो जैक कूपर ने कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि अमेरिका, भारत और चीन के बीच चल रहे बॉर्डर विवाद में दखल देने की कोशिश करेगा, लेकिन मुझे यह जरूर लगता है कि चीन और भारत के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते अमेरिका के साथ भारत के सुरक्षा संबंध और मजबूत होंगे.' 

 

कपूर के अनुसार चीन की बढ़ती ताकत के खिलाफ भारत का समर्थन करके अमेरिका एक संतुलन स्थापित करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका इन दोनों की देशों के बीच में एक अहम भूमिका अदा कर सकता है. उन्होंने आगे बताते हुए कहा कि, 'चीन अगर भारत के खिलाफ अपने दावों पर कायम रहता है, तो एक तरह से वह चीन-विरोधी गठबंधन के बनने का रास्ता साफ करेगा. ऐसे में मुझे लगता है कि चीन समझदारी दिखाते हुए मौजूदा संकट को खत्म करने की दिशा में काम करेगा और किसी भी हिंसक रास्ते से बचना चाहेगा.'

दरअसल, डोकलाम सीमा विवाद पर बौखलाए चीन की सेना और सरकार ने भारत पर अपनी धमकियों का दौर जारी रखा हुआ है. चीनी सेना के प्रवक्ता ने सोमवार को भारतीय सेना को फिर धमकी दी और कहा कि अगर वे डोकलाम से पीछे नहीं हटती तो इसका अंजाम बेहद खतरनाक होगा.

 

उन्होंने कहा कि ये हमारी पहली मांग है कि भारत डोकलाम से पहले अपनी सेना हटाए, क्योंकि हल उसी के बाद निकल पाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि पर्वत को हिला देना आसान होगा, पर चीन की पिपुल लिब्रेशन आर्मी को हिलाना आसान नहीं है. प्रवक्ता ने कहा कि बॉर्डर की शांति पर ही पूरे राष्ट्र की शांति टिकी हुई है.

बता दें कि चीन की ओर से सिक्किम-भूटान-तिब्बत ट्राई जंक्शन पर अपना हक जमाने के बाद ही ये विवाद गरमाया हुआ है.

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मुख्य न्यायाधीश के तौर पर जस्टिस दीपक मिश्रा के नाम पर केंद्र सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: जस्टिस दीपक मिश्रा देश के 45वें चीफ जस्टिस होंगे. केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति की मुहर के साथ ही ये घोषणा कर दी है. मौजूदा CJI जेएस खेहर 27 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं और इसके बाद जस्टिस मिश्रा प्रधान न्यायाधीश का पद संभालेंगे. वे 3 अक्टूबर, 2018 तक इस पद पर रहेंगे. 



इस वक्त सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के नाम कई ऐतिहासिक जजमेंट हैं. इनमें याकूब मेमन की रातभर पर सुनवाई के बाद फांसी की सजा बरकरार रखने, निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाने के अलावा कई बड़े फैसले हैं. जस्टिस मिश्रा ने ही देशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रीय गान के आदेश जारी किए थे. 

याकूब मेमन केस में जज दीपक मिश्रा को धमकी भरा खत यहां तक कि BCCI में सुधार, NEET और सुब्रत राय सहारा सेबी विवाद को भी उनकी ही बेंच सुन रही है. 11 अगस्त को होने वाली राम जन्मभूमि विवाद की सुनवाई के लिए बनाई गई स्पेशल बेंच की वे अगुवाई कर रहे हैं. 
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एंड टीवी के मशहूर कॉमेडी शो 'भाबी जी घर पर हैं' की प्रोड्यूसर बीनेफर कोहली ने आरोप लगाया है कि अभिनेत्री शिल्पा शिंदे की वजह से शो और चैनल को क़रीब 10 करोड़ रुपए का नुक़सान हुआ है.


ग़ौरतलब है कि इस शो में अभिनेत्री शिल्पा शिंदे 'अंगूरी भाभी' का किरदार निभा रही थीं, लेकिन अचानक उन्होंने शूटिंग बंद कर दी.
शिल्पा के इस कदम को ग़लत ठहराते हुए बीनेफर कोहली कहती हैं, ''उनके इस तरह से शूटिंग बंद करने से टीम और चैनल को क़रीब दस करोड़ का नुक़सान हुआ है''.
वहीं शिल्पा प्रोड्यूसर बीनेफर कोहली के बारे में कहती हैं, ''वो एक तानाशाह प्रोड्यूसर हैं''.
इस विवाद के सिलसिले में बीबीसी ने बीनेफर और शिल्पा दोनों से बातचीत की.
शिल्पा ने बीनेफर को पूरे विवाद की जड़ बताते हुए कहा, ''वह बहुत ही अहंकारी महिला हैं और तानाशाह प्रोडूसर भी हैं ''.
कलाकारों की फ़ितरत बताते हुए शिल्पा ने कहा, ''हम आर्टिस्ट हैं, तो हमारे छोटे-मोटे नखरें होंगे ही. ऐसे कई प्रोड्यूसर हैं, जो कलाकारों को पैम्पर भी करते हैं ''.
टेलीविज़न जगत की नाराज़गी के सवाल पर शिल्पा कहती हैं, ''मेरा किसी से पारिवारिक ताल्लुक़ नहीं है और ना ही मैं किसी से रिश्ता रखती हूं. मैं सच बोलने वाली कलाकारों में से हूं."
वहीं बीनेफर कहती हैं, ''शिल्पा बहुत अनप्रोफेशनल हैं. उनके हर दिन नए नखरे रहते थे. साल में तीन बार कॉन्ट्रैक्ट करवाने का दबाव डालती थीं.''
अचानक नखरे बढ़ने की वजह बताते हुए बीनेफर कहती हैं, ''जब उन्हें कॉमेडियन कपिल शर्मा की तरफ से प्रस्ताव मिला, तब उनकी फ़ीस बढ़वाने की मांग कुछ ज़्यादा तेज़ हो गई''.
बीनेफर का आरोप है कि शिल्पा का अचानक शो छोड़ देना, उनकी पुरानी आदत है. इससे पहले वो 'मायका' और 'चिड़िया घर' के साथ भी ऐसा कर चुकी हैं.
हालांकि, अब धारावाहिक में नई 'अंगूरी भाभी' के रूप में शुभांगी अत्रे आ चुकी हैं. शो ने टीआरपी की रेस में वापसी भी कर ली है.

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भारत के अलावा राखी मॉरीशस और नेपाल में भी मनाई जाती है।

रक्षाबंधन का इतिहास करीब 6 हजार साल पुराना है, रक्षाबंधन की शुरुआत का सबसे पहला साक्ष्य रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूं का है।भाई और बहन के प्यार का त्योहार है रक्षाबंधन, रक्षा बंधन का त्यौहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन 7 अगस्त को मनाया जाएगा। उत्तरी भारत में यह त्यौहार भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित है और इस त्यौहार का प्रचलन सदियों पुराना बताया गया है। इस दिन बहने अपने भाई की कलाई पर राखी बाँधती हैं और भाई अपनी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए अपना स्नेहभाव दर्शाते हैं। त्योहारों की वजह से भारत को त्योहारों और उत्सव की धरती भी कहा जाता है।

रक्षा बंधन का शाब्दिक अर्थ हुआ रक्षा का बंधन। भाई अपनी बहन को हर मुश्किल से रक्षा करने वचन देता है। बहनें अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। इसे राखी पूर्णिमा के तौर पर भी जाना जाता है। यह त्योहार हिंदू चंद्र कैलेंडर के सावन माह में पूर्ण चंद्र के दिन होता है, जिसे पूर्णिमा कहा जाता है। राखी एक धर्मनिरपेक्ष त्योहार है। इसे पूरे देश में मनाया जाता है। राज्य, जाति और धर्म कोई भी हो, हर व्यक्ति इसे मनाता है। भारत के अलावा राखी मॉरीशस और नेपाल में भी मनाई जाती है।

जानकारों कि माने तो रक्षाबंधन का इतिहास काफी पुराना है, जो सिंधु घाटी की सभ्यता से जुड़ा हुआ है। असल में रक्षाबंधन की परंपरा उन बहनों ने डाली थी जो सगी नहीं थीं, भले ही उन बहनों ने अपने संरक्षण के लिए ही इस पर्व की शुरुआत क्यों न की हो, लेकिन उसकी बदौलत आज भी इस त्योहार की मान्यता बरकरार है।

वहीं रक्षाबंधन एक ऐसा त्योहार है जिसका इतिहास करीब 6 हजार साल पुराना है, रक्षाबंधन की शुरुआत का सबसे पहला साक्ष्य रानी कर्णावती और सम्राट हुमायूं का है। मध्यकालीन युग में राजपूत और मुस्लिमों के बीच संघर्ष चल रहा था, तब चित्तौड़ के राजा की विधवा रानी कर्णावती ने गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह से अपनी और अपनी प्रजा की सुरक्षा का कोई रास्ता न निकलता देख हुमायूं को राखी भेजी थी। तब हुमायू ने उनकी रक्षा कर उन्हें बहन का दर्जा दिया था।

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अभिनेता दिलीप कुमार की पत्नी एवं अदाकारा सायरा बानो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शुभचिंतकों और प्रशंसकों की प्रार्थनाओं से दिलीप जल्दी ही स्वस्थ होंगे। हालांकि सायरा ने दिलीप के गुर्दे की बीमारी पर चुप्पी साध रखी है। सायरा ने गुर्दे की बीमारी से पीड़ित दिलीप की रिपोर्ट पर सवाल किए जाने पर कहा , ‘‘हमें प्रार्थना करनी होगी की वह जल्द स्वस्थ्य हों। इंशाअल्लाह, वह स्वस्थ्य होंगे। डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।’’ गौरतलब है कि 94 वर्षीय अभिनेता लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें बुधवार सुबह शरीर में पानी की कमी और मूत्र नली में संक्रमण की शिकायत के बाद भर्ती करवाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार दिलीप के गुर्दे के संक्रमण में सुधार नहीं है।

 

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